वॉशिंगटन। अमेरिकी संगीत जगत की दिग्गज गायिका, गीतकार और समाजसेवी डॉली पार्टन के निधन के बाद दुनिया भर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। 80 वर्षीय पार्टन का 25 अगस्त को निधन हुआ। उनके प्रतिनिधियों के अनुसार उन्होंने कैंसर से संक्षिप्त जंग के बाद नैशविल में अंतिम सांस ली।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डॉली पार्टन को याद करते हुए भावुक पोस्ट किया। इवांका ने लिखा कि कुछ साल पहले लेक्स फ्रिडमैन के पॉडकास्ट पर उन्होंने डॉली पार्टन की एक ऐसी बात का उल्लेख किया था, जिसने उन्हें पहली बार सुनने के बाद से प्रभावित किया है।
इवांका ने डॉली पार्टन के विचार को साझा करते हुए लिखा, ‘मैं आलोचना और निंदा नहीं करती; मैं प्यार करती हूं और स्वीकार करती हूं।’ उन्होंने कहा कि यह बात सुनने में बेहद सरल है, लेकिन इसके भीतर गहरा अर्थ और संवेदनशीलता छिपी है। इवांका की यह पोस्ट उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी उपलब्ध है।
A couple years ago on @lexfridman podcast I cited a piece of wisdom from @DollyParton that has resonated within me since I first heard it. “I don’t criticize and condemn; I love and accept.”
That quote, like so much of what made Dolly Parton an American icon, was deceptively…
— Ivanka Trump (@IvankaTrump) August 25, 2026
इवांका ने डॉली पार्टन को एक असाधारण शख्सियत बताते हुए उनके संगीत, लेखन, अभिनय, समाजसेवा और कारोबारी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि वह कभी डॉली से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलीं, लेकिन उनके प्रति उनके मन में गहरी पसंद और सम्मान था।
डॉली पार्टन ने संगीत की दुनिया में कई दशकों तक अपनी अलग पहचान बनाए रखी। संगीत के अलावा वह फिल्मों, कारोबार और परोपकारी कार्यों के लिए भी जानी गईं। उनकी लाइब्रेरी पहल ने बच्चों तक किताबें पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इवांका की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर डॉली पार्टन की विरासत और उनके संदेश को लेकर चर्चा तेज हो गई। डॉली को श्रद्धांजलि देने वालों में संगीत, मनोरंजन और राजनीति से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके सम्मान में अमेरिकी झंडे आधे झुकाने की घोषणा की।
डॉली पार्टन की विदाई के साथ संगीत जगत ने केवल एक महान गायिका और गीतकार को ही नहीं खोया, बल्कि ऐसी सार्वजनिक शख्सियत को खोया है, जिसने अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल संगीत के साथ-साथ समाजसेवा और लोगों को जोडऩे के लिए भी किया।








