\n \n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n
Tuesday, September 15, 2026
HomeUSAट्रंप ने सऊदी अरब के साथ परमाणु समझौता कांग्रेस को भेजा, इजरायल...

ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ परमाणु समझौता कांग्रेस को भेजा, इजरायल से रिश्ते सामान्य करने की शर्त

प्रकाशित: 26 Aug 2026, 1:39 PMअपडेट: 26 Aug 2026, 1:39 PMपढ़ने का समय: 2 मिनट
शेयर करेंFacebookX
93 views

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सऊदी अरब के साथ नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग के प्रस्तावित समझौते को अमेरिकी कांग्रेस के पास समीक्षा के लिए भेज दिया है। यह समझौता जुलाई में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और सऊदी ऊर्जा मंत्री के बीच हुआ था। अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी के मुताबिक, समझौते को सोमवार को कांग्रेस के समक्ष पेश किया गया।
हालांकि इस समझौते के साथ राष्ट्रपति ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शर्त जोड़ दी है। ट्रंप का कहना है कि सऊदी अरब जब तक इजरायल के साथ अपने संबंध सामान्य नहीं करता और अब्राहम अकॉड्र्स में शामिल नहीं होता, तब तक परमाणु समझौता आगे नहीं बढ़ेगा। सऊदी अरब ने अब तक इजरायल के साथ औपचारिक संबंध स्थापित नहीं किए हैं और वह फिलिस्तीनी राज्य की दिशा में स्पष्ट रास्ते को सामान्यीकरण की प्रमुख शर्तों में रखता रहा है।
प्रस्तावित समझौता अमेरिकी कंपनियों को सऊदी अरब के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में भाग लेने और अमेरिकी परमाणु तकनीक उपलब्ध कराने का रास्ता खोल सकता है। समझौते की अवधि 30 वर्ष बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार इसमें अमेरिकी कंपनियों की भूमिका के साथ सऊदी अरब में परमाणु ऊर्जा ढांचे के विकास की संभावनाएं शामिल हैं।
समझौते को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में भी चिंता जताई जा रही है। कुछ सांसद और परमाणु अप्रसार विशेषज्ञ इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि सऊदी अरब को परमाणु ईंधन के संवर्धन की क्षमता मिलने की स्थिति में मध्य पूर्व में परमाणु प्रसार का जोखिम बढ़ सकता है। समझौते का पूरा दस्तावेज फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है और इसे कांग्रेस की समीक्षा के लिए गोपनीय रूप में भेजा गया है।
अमेरिकी कानून के तहत कांग्रेस को समझौते की समीक्षा के लिए 90 दिनों का समय मिलेगा। यदि इस अवधि में कांग्रेस संयुक्त प्रस्ताव के जरिए इसे अस्वीकार नहीं करती है तो समझौता प्रभावी हो सकता है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में दो मोर्चे महत्वपूर्ण हो गए हैं—एक ओर सऊदी अरब की नागरिक परमाणु ऊर्जा की महत्वाकांक्षा और दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन की इजरायल के साथ उसके संबंध सामान्य कराने की शर्त।

📧 Sandhyadeep Newsletter
नई और महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाएं।
Subscribe करने के बाद confirmation email आएगा।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!

Most Popular

Recent Comments

SANDHYADEEP

मुख्य श्रेणियां