वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर हमले दोबारा शुरू कर सकता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान की मौजूदा स्थिति को बेहद कमजोर बताते हुए कहा कि आगे क्या होता है, यह देखना होगा।
ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि वहां महंगाई 350 प्रतिशत तक पहुंच गई है और देश के पास प्रभावी मुद्रा व्यवस्था नहीं रह गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान अपने सैनिकों को वेतन देने की स्थिति में नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर भी कई दावे किए। उनके अनुसार ईरान के अधिकांश वरिष्ठ नेता मारे जा चुके हैं, जबकि उसकी नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के निगरानी उपकरण लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
ट्रंप ने हालांकि सीधे तौर पर यह घोषणा नहीं की कि अमेरिका तत्काल सैन्य कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति कमजोर होने के बावजूद इसका अर्थ यह नहीं है कि अमेरिका उसे फिर से “सबक” नहीं सिखाएगा। उनके इस बयान को ईरान के खिलाफ संभावित आगे की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर नई आशंकाएं पैदा हो गई हैं। यदि अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई करता है तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।








