नई दिल्ली। भारत ऐसा डिजिटल भुगतान ढांचा तैयार कर रहा है, जिसके तहत एआई एजेंट यूजर्स की ओर से छोटे डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। प्रस्तावित व्यवस्था में हर छोटे लेनदेन के लिए अलग-अलग मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। इससे एआई एजेंट रोजमर्रा के सीमित भुगतान यूजर की ओर से स्वत: करने में सक्षम हो सकते हैं।
इस व्यवस्था का आधार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई होगा। यूजर पहले से तय नियमों और सीमाओं के आधार पर एआई एजेंट को भुगतान की अनुमति दे सकेगा। इसका इस्तेमाल छोटे और नियमित डिजिटल लेनदेन के लिए किया जा सकता है, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक स्वचालित और सुविधाजनक बनने की संभावना है।
भारत का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यूपीआई देश में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाला डिजिटल पेमेंट नेटवर्क है। यदि एजेंटिक एआई भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल शुरू होता है, तो भारत राष्ट्रीय स्तर पर एआई एजेंटों के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने वाले शुरुआती देशों में शामिल हो सकता है।
अमेरिका, यूरोप, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में भी भुगतान क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां एआई एजेंटों के जरिए भुगतान की दिशा में काम कर रही हैं। भारत में यूपीआई के मौजूदा नेटवर्क के साथ इस तकनीक को जोडऩे से एजेंटिक पेमेंट्स को बड़े स्तर पर लागू करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
हालांकि, ऐसी व्यवस्था में सुरक्षा, भुगतान की सीमा, यूजर की अनुमति और लेनदेन पर नियंत्रण जैसे मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण होंगे। प्रस्तावित ढांचे का उद्देश्य एआई एजेंट को पूरी तरह स्वतंत्र भुगतानकर्ता बनाने के बजाय तय नियमों और सीमाओं के भीतर भुगतान करने की क्षमता देना होगा। फिलहाल यह एक विकसित किया जा रहा ढांचा है और इसके अंतिम नियम तथा आम यूजर्स के लिए उपलब्धता को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
भारत में एआई एजेंट कर सकेंगे यूपीआई के जरिए छोटे डिजिटल भुगतान, तैयार हो रहा नया ढांचा
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