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श्रीगंगानगर। एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने, विदेश से कालाधन का 15 लाख हर खाते में आने, अच्छे दिन आने वाले हैैं, जैसे नारों से सत्ता पर काबिज हुए नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से एक नया शिगूफा चलाया है। एक करोड़ युवाओं को एआई के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा, क्या भारत सरकार के पास या प्राइवेट सैक्टर में ऐसा ढांचा है कि एक करोड़ लोगों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शिक्षा और ट्रेनिंग दी जा सके। पहले ही युवा सरकार के खोखले वादों से खफा है। सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन कर चुका है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी ले चुका है। वहीं ऑनलाइन कोचिंग के लिए पहले ही प्राइवेट सैक्टर नि:शुल्क ढांचा तैयार कर चुका है जबकि सवाल यह है कि ऐसे क्या कारण है कि युवाओं को इतनी बड़ी संख्या में कोचिंग लेनी पड़ती है और लाखों रुपये विषय विशेषज्ञ बनने के नाम पर देने पड़ते हैं। युवा वर्ग टूट रहा है और एक रिपोर्ट के अनुसार 2020 के बाद से हर साल करीबन 50 हजार युवा भारत में आत्महत्या कर रहे हैं। यह आकड़े डराने वाले हैं लेकिन सरकार की ओर से यह भी कहा जाता है कि वह आयु आधारित आत्महत्या प्रकरणों का लेखा-जोखा नहीं रखती। हर साल युवा हजारों की संख्या में आत्महत्या कर रहे हैं और हम लाल किले की प्राचीर से पीएम का यह भाषण सुन रहे हैं कि युवाओं को एआई का प्रशिक्षण देने का कार्य अब शुरू किया जायेगा।
हालांकि सरकार ने गत वर्ष एआई फॉर ऑल के नाम से एक पाठयक्रम आरंभ किया था और इसका लक्ष्य युवाओं को एआई साक्षर कर प्रमाण पत्र वितरित करना था यानी सरकार चाहती है कि वह आकड़ों की बाजीगरी करे और युवा उस भ्रमजाल में फंस जायें। प्रधानमंत्री को यह बताना चाहिये था कि एक साल के भीतर 10, 15 या 20 लाख बच्चों को एआई की शिक्षा दी जा चुकी है। उन्होंने ऐसा नहीं किया और पुरानी योजना को ही लाल किले से नयी घोषणा के रूप में संबोधित कर दिया।
सरकार के पास कौशल विकसित करने का ढांचा ही तैयार नहीं है और सरकार की अगर नियत ईमानदारी से भरी हो तो भी उस ढांचे को तैयार करने में ही सालों लग जायेंगे। इस दौरान बेरोजगार युवा क्या अपनी बारी आने का इंतजार करेगा।
यू ट्यूब पर है हर विषय की नि:शुल्क कोचिंग
सरकार ने ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था स्थापित करने का वादा लाल किले से किया है जबकि प्राइवेट सैक्टर में यू ट्यूब पर पहले ही कक्षा 1 से 12 और प्रतियोगी विषयों की ऑनलाइन क्लासेज की व्यवस्था पहले से ही है। फिर सरकार नया क्या कर रही है, इसका खाका पेश किया जाना चाहिये था।
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