दुबई, 3 सितंबर। ईरान पर अमेरिकी आर्थिक दबाव का असर अब उसकी अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, तीन वरिष्ठ ईरानी सूत्रों ने कहा है कि अमेरिकी अभियान के कारण ईरान के लिए तेल निर्यात जारी रखना और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के रास्ते तलाशना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन ने हाल के सप्ताहों में तेहरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाया है। अमेरिका का उद्देश्य ईरान की तेल आय और विदेशी मुद्रा तक पहुंच को सीमित करना तथा प्रतिबंधों से बचने के उसके प्रयासों को रोकना है। इससे ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवश्यक वस्तुओं की खरीद को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
रॉयटर्स की 1 सितंबर की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नाकेबंदी के चलते अगस्त में ईरानी कच्चे तेल के निर्यात में भारी गिरावट आई। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान की क्रूड लोडिंग लगभग 20 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर करीब 2.2 से 2.55 लाख बैरल प्रतिदिन तक रह गई थी।
रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन आर्थिक दबाव को भविष्य में होने वाली संभावित बातचीत में ईरान से रियायतें हासिल करने के साधन के रूप में भी इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों और सूत्रों के बयानों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए गए निष्कर्ष के रूप में नहीं, बल्कि उनके आकलन के रूप में देखा जाना चाहिए।








