काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आई बाढ़ में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई इलाकों में सडक़ें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र चीन-तिब्बत सीमा के करीब स्थित रसुवा जिले के स्याप्रुबेसी और तिमुरे बताए जा रहे हैं।
बाढ़ के बाद नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर भेजे, लेकिन प्रभावित इलाकों में पानी का स्तर इतना अधिक था कि हेलीकॉप्टरों को उतरने में परेशानी हुई। स्थानीय प्रशासन ने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों और ऊंचे इलाकों में जाने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार कई गांव और निर्माण परियोजनाओं से जुड़े स्थल बाढ़ के पानी में बह गए हैं।
इस प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार करीब 430 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसमें अधिकांश हिस्सा जलविद्युत परियोजनाओं का है। यह नेपाल की कुल करीब 3.2 गीगावाट जलविद्युत क्षमता के 12 प्रतिशत से अधिक के बराबर है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने पुलिस और सेना को राहत एवं बचाव कार्यों में लगाने के निर्देश दिए हैं।
उधर, नेपाल से सटे तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में भी भूस्खलन की खबर है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट के आसपास भूस्खलन से सडक़, संचार और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। इलाके में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने और कुछ लोगों के लापता होने की सूचना दी गई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाने और आगे होने वाली आपदाओं से बचाव के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने फिलहाल बाढ़ की सटीक वजह की पुष्टि नहीं की है। हालांकि इसी भोटे कोशी नदी में पिछले वर्ष भीषण बाढ़ आई थी, जिसे बाद में तिब्बत में एक ग्लेशियर झील के पानी के अचानक निकलने से जोड़ा गया था। इस बार भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से तबाही, आठ लोगों की मौत; चीन सीमा पर भी मची आफत
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