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वाशिंगटन। अमेरिका की राजनीति में 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां भले ही अभी शुरुआती दौर में हों, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के भीतर संभावित चेहरों को लेकर पर्दे के पीछे राजनीतिक गणित शुरू हो चुका है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि डोनाल्ड ट्रंप के बाद रिपब्लिकन पार्टी की कमान किसके हाथ में होगी और क्या ट्रंप परिवार ही अगले राष्ट्रपति चुनाव में अपना प्रभाव बनाए रखेगा?
ट्रंप कई मौकों पर 2028 के चुनाव में अपनी संभावित भूमिका को लेकर संकेत दे चुके हैं। हालांकि बाद में उन्होंने कुछ टिप्पणियों को मजाक बताया, लेकिन अमेरिकी राजनीति में उनके बयानों को सामान्य तौर पर केवल मजाक मानकर खारिज करना आसान नहीं है। यही वजह है कि 2028 को लेकर अभी से संभावनाओं का बाजार गर्म है।
संविधान बना सबसे बड़ी बाधा
ट्रंप के लिए सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी संविधान का 22वां संशोधन है, जो किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति पद के लिए दो बार से अधिक निर्वाचित होने से रोकता है। ऐसे में यदि ट्रंप 2028 में फिर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में उतरना चाहते हैं तो संवैधानिक स्थिति उनके सामने बड़ी बाधा होगी।
यही वह बिंदु है जहां ट्रंप परिवार के दूसरे चेहरे की चर्चा महत्वपूर्ण हो जाती है। राजनीतिक हलकों में इवांका ट्रंप का नाम इसी वजह से चर्चा में है। हालांकि, अभी तक इवांका की ओर से 2028 में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
क्या इवांका हो सकती हैं ‘ट्रंप ब्रांड’ का अगला चेहरा?
इवांका ट्रंप के पास वह राजनीतिक पूंजी है जो किसी भी नए उम्मीदवार के लिए बड़ी चुनौती होती है—ट्रंप परिवार का नाम, राष्ट्रीय पहचान और मजबूत समर्थक आधार।
वे पहले भी व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं और अमेरिकी राजनीति के राष्ट्रीय मंच पर उनकी पहचान बन चुकी है। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और बड़ी संख्या में समर्थक उन्हें रिपब्लिकन मतदाताओं के एक वर्ग तक सीधे पहुंच बनाने में मदद कर सकती है।
अगर रिपब्लिकन पार्टी 2028 में ट्रंप की नीतियों और उनके राजनीतिक आधार को बरकरार रखना चाहती है, तो इवांका एक ऐसा चेहरा हो सकती हैं जो ट्रंप परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का दावा कर सके।
लेकिन मुकाबला आसान नहीं
इवांका के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर मौजूद दूसरे शक्तिशाली नेताओं से होगी। विदेश मंत्री एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रमुख नेता मार्को रूबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पहले से ही रिपब्लिकन पार्टी के संभावित भविष्य के नेताओं के रूप में देखे जा रहे हैं।
जेडी वेंस के पास उपराष्ट्रपति पद का अनुभव होगा, जबकि रूबियो की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर मजबूत पहचान है। ऐसे में 2028 की दौड़ केवल ट्रंप परिवार बनाम बाकी रिपब्लिकन नेताओं की लड़ाई नहीं होगी, बल्कि यह पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला मुकाबला भी बन सकती है।
मध्यावधि चुनाव होंगे पहला बड़ा संकेत
2028 की तस्वीर समझने के लिए 2026 के मध्यावधि चुनाव बेहद महत्वपूर्ण होंगे। यदि रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना प्रभाव मजबूत करने में सफल रहती है तो ट्रंप की राजनीतिक पकड़ और मजबूत हो सकती है। इसके विपरीत, यदि पार्टी को बड़ा नुकसान होता है तो रिपब्लिकन खेमे में ट्रंप के बाद की राजनीति को लेकर सवाल और तेज हो सकते हैं।
यही चुनाव यह संकेत भी देंगे कि अमेरिकी मतदाता ट्रंप की राजनीति को किस हद तक आगे ले जाना चाहते हैं।
असली सवाल—ट्रंप के बाद कौन?
अमेरिकी राजनीति में अब सबसे बड़ा सवाल केवल यह नहीं है कि 2028 में कौन राष्ट्रपति बनेगा। असली सवाल यह है कि क्या ट्रंप के बाद भी रिपब्लिकन पार्टी ‘ट्रंप मॉडल’ पर चलेगी या नया नेतृत्व अपनी अलग पहचान बनाएगा?
यदि ट्रंप परिवार अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखता है और इवांका सक्रिय राजनीति में लौटती हैं, तो 2028 में उनका नाम गंभीरता से चर्चा में आ सकता है। लेकिन यदि पार्टी का नेतृत्व जेडी वेंस, मार्को रूबियो या किसी अन्य नेता के हाथ में जाता है, तो रिपब्लिकन राजनीति का अगला अध्याय अलग दिशा ले सकता है।
फिलहाल इवांका ट्रंप की उम्मीदवारी केवल एक राजनीतिक संभावना है, कोई घोषित चुनावी अभियान नहीं। लेकिन अमेरिकी राजनीति का इतिहास बताता है कि राष्ट्रपति चुनाव की वास्तविक लड़ाई शुरू होने से काफी पहले संभावित चेहरों की तलाश शुरू हो जाती है। ऐसे में 2028 की दौड़ में ट्रंप परिवार का अगला चेहरा कौन होगा—यह सवाल आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति का सबसे दिलचस्प राजनीतिक समीकरण बन सकता है।
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