श्रीगंगानगर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने 18 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक नक्शा साझा किया, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को “New U.S. Territory” यानी “नया अमेरिकी क्षेत्र” बताया गया। ट्रंप इससे पहले भी होर्मुज को लेकर अमेरिका के नियंत्रण का दावा कर चुके हैं।
ट्रंप ने 12 अगस्त को कहा था कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर “पूर्ण नियंत्रण” है। उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों और नाकाबंदी का भी उल्लेख किया था। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप के इन बयानों ने क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का समुद्री परिवहन होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य या राजनीतिक तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
ईरान ने ट्रंप के दावे का विरोध किया है। ईरानी अधिकारियों ने होर्मुज को लेकर अमेरिकी रुख पर चेतावनी दी है। ईरान और अमेरिका के बीच पहले से जारी तनाव के बीच यह मुद्दा दोनों देशों के बीच टकराव का नया केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।
होर्मुज में तनाव बढ़ने का असर भारत सहित एशिया के कई देशों पर भी पड़ सकता है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। समुद्री परिवहन और बीमा लागत में भी वृद्धि की संभावना रहती है।
फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर है। यदि होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर मध्य पूर्व की सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।