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फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव 2027 : मरीन ले पेन और पूर्व प्रधानमंत्री एडुआर फिलिप के बीच मुकाबले की चर्चा

फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव 2027: मरीन ले पेन और एडुआर फिलिप में मुकाबला

प्रकाशित: 18 Aug 2026, 8:51 PMअपडेट: 18 Aug 2026, 8:57 PMपढ़ने का समय: 3 मिनट
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श्रीगंगानगर। फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव 2027 में होना है। मौजूदा राजनीतिक तस्वीर में मरीन ले पेन और पूर्व प्रधानमंत्री एडुआर फिलिप के बीच संभावित मुकाबले की चर्चा सबसे ज्यादा है। ले पेन की पार्टी रासांब्लमां नेशनल (RN) दक्षिणपंथी राजनीति की प्रमुख ताकत बनकर उभरी है। हालिया सर्वेक्षणों में ले पेन पहले चरण में अन्य प्रमुख उम्मीदवारों से आगे दिखाई दे रही हैं।

फिलिप की दावेदारी को हाल में उस समय मजबूती मिली, जब न्याय मंत्री जेराल्ड दारमानिन ने खुद राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ने और फिलिप का समर्थन करने की घोषणा की। इससे सेंटर-राइट खेमे में फिलिप के पक्ष में समर्थन बढ़ने की संभावना बनी है।

फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में दो चरण होते हैं। यदि पहले चरण में किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वोट नहीं मिलते, तो सबसे अधिक वोट पाने वाले दो उम्मीदवार दूसरे चरण में आमने-सामने होते हैं। यही व्यवस्था ले पेन के लिए सबसे बड़ी चुनौती भी है। पहले चरण में बढ़त हासिल करना अलग बात है और दूसरे चरण में बहुमत हासिल करना अलग।

RN के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ले पेन पहले चरण की संभावित बढ़त को दूसरे चरण की जीत में बदल पाएंगी। इसके लिए उन्हें अपने पारंपरिक दक्षिणपंथी समर्थकों के अलावा मध्यमार्गी और अन्य वर्गों के मतदाताओं का समर्थन भी हासिल करना होगा।

दूसरी ओर एडुआर फिलिप के सामने चुनौती सेंटर और सेंटर-राइट मतदाताओं को एकजुट करने की है। जेराल्ड दारमानिन का समर्थन इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि फिलिप विभिन्न मध्यमार्गी ताकतों को एक मंच पर लाने में सफल रहते हैं, तो दूसरे चरण में ले पेन के खिलाफ मजबूत मुकाबला बन सकता है।

इस चुनाव में जॉर्डन बार्देला का नाम भी महत्वपूर्ण है। वह RN के प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं और भविष्य की रणनीति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। वहीं वामपंथी खेमे में जां-ल्यूक मेलोंशों सहित कई नेता सक्रिय हैं। यदि वामपंथी वोट अलग-अलग उम्मीदवारों में बंटता है, तो पहले चरण का समीकरण और अधिक जटिल हो सकता है।

फिलहाल चुनावी तस्वीर में ले पेन को शुरुआती बढ़त जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन 2027 का परिणाम अभी तय मानना जल्दबाजी होगी। फ्रांस की अर्थव्यवस्था, महंगाई, आव्रजन, सुरक्षा और यूरोप से जुड़े मुद्दे आने वाले महीनों में मतदाताओं की प्राथमिकता बदल सकते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मरीन ले पेन इस बार एलिसी पैलेस तक पहुंचने में सफल होंगी या सेंटर-राइट और अन्य राजनीतिक दल उनके खिलाफ फिर से एक व्यापक रणनीतिक मोर्चा तैयार करेंगे। 2027 का चुनाव फ्रांस की राजनीति के साथ-साथ यूरोप की राजनीतिक दिशा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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