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धूरी डबल मर्डर 24 घंटे में सुलझाया, भाजपा कार्यालय हमले में भी त्वरित कार्रवाई; नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और समाधान कैंप से जनता से सीधा संवाद
संगरूर। पंजाब कैडर की आईपीएस अधिकारी डॉ. रवजोत ग्रेवाल के संगरूर SSP के रूप में कार्यकाल के शुरुआती महीनों में पुलिसिंग के कई अलग-अलग पहलू सामने आए हैं। मई 2026 में जिले की कमान संभालने के बाद अपराध नियंत्रण, नशे के खिलाफ कार्रवाई, गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित जांच के साथ-साथ आम जनता की शिकायतों के समाधान पर भी जोर दिया गया है।
डॉ. ग्रेवाल के कार्यकाल की प्रमुख कार्रवाइयों में धूरी का डबल मर्डर केस विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। 8 जुलाई को धूरी में दो युवकों की हत्या के बाद संगरूर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 24 घंटे के भीतर छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल भी बरामद कीं। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे पुरानी रंजिश का मामला सामने आया था। इस कार्रवाई की जानकारी SSP डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने स्वयं दी थी।
भाजपा कार्यालय हमले में भी 24 घंटे में गिरफ्तारी
संगरूर में भाजपा जिला कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में भी पुलिस ने तेजी दिखाई। घटना के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। जांच में विदेशी हैंडलर से संपर्क का एंगल सामने आने की बात पुलिस ने कही थी। इस मामले में वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
SSP का पद संभालने के बाद डॉ. ग्रेवाल ने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई को प्राथमिकता दी। पुलिस अधिकारियों को नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और अपराध के मामलों में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। संगरूर पुलिस की ओर से NDPS मामलों में गिरफ्तारियां और नशीले पदार्थों की बरामदगी की कई कार्रवाइयां इस अभियान का हिस्सा रही हैं।
पुलिस की चौखट पर नहीं, जनता के बीच पहुंचीं SSP
डॉ. ग्रेवाल की पुलिसिंग का एक महत्वपूर्ण पक्ष जनता से सीधा संवाद भी रहा। 24 जुलाई को धूरी में संगरूर पुलिस की ओर से ‘समाधान कैंप’ लगाया गया, जिसमें SSP डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों की शिकायतें सीधे सुनीं।
उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत की कानून के अनुसार जांच कर निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। SSP ने कहा कि ऐसे कैंपों का उद्देश्य लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और पुलिस सेवाओं को नागरिकों के घर-द्वार के करीब लाना है।
समाधान कैंप को केवल शिकायत सुनवाई तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल के रूप में भी देखा गया। SSP ने स्पष्ट किया कि अपराध और नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है।
तेज कार्रवाई और जनसरोकार—दोनों पर जोर
डॉ. रवजोत ग्रेवाल के संगरूर कार्यकाल की अब तक की तस्वीर में एक तरफ गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, वहीं दूसरी तरफ जनता की शिकायतों को सीधे सुनने की पहल दिखाई देती है। धूरी डबल मर्डर केस को 24 घंटे में सुलझाना और छह आरोपितों की गिरफ्तारी पुलिस की जांच क्षमता और तत्परता को दर्शाती है, जबकि समाधान कैंप पुलिस को आम लोगों के करीब लाने की कोशिश के रूप में सामने आया है।
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