\n \n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n
Tuesday, September 15, 2026
Homepdfश्रीगंगानगर में सियासी बादल फटा, सभापति पद के लिए कई चेहरे चर्चा...

श्रीगंगानगर में सियासी बादल फटा, सभापति पद के लिए कई चेहरे चर्चा में

प्रकाशित: 13 Aug 2026, 4:43 PMअपडेट: 13 Aug 2026, 4:43 PMपढ़ने का समय: 3 मिनट
शेयर करेंFacebookX
20 views

Adhusichana date 13-08-2026 nagar nikay chaiperson lotery list in pdf

श्रीगंगानगर। नगर परिषद सभापति पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने के साथ ही शहर की सियासत में अचानक हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से आरक्षण की तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे संभावित दावेदार अब सक्रिय होने लगे हैं। सभापति पद सामान्य होने के बाद राजनीतिक गलियारों में संभावित चेहरों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जयपुर में गुरुवार को निकाली गई आरक्षण लॉटरी में श्रीगंगानगर नगर परिषद सभापति पद सामान्य वर्ग के लिए आया है। पिछली बार यह पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही अब कई ऐसे नाम सामने आने लगे हैं, जो सभापति पद के लिए अपनी दावेदारी आजमाना चाहते हैं।
राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार वरिष्ठ नेता अशोक चांडक, पूर्व उपसभापति लक्की दावड़ा, दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धर्मवीर डूडेजा और शिव दयाल गुप्ता सहित कई नामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अंकुर मगलानी का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। हालांकि इनमें से किसी भी नाम की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
सियासी गलियारों में कई ऐसे चेहरे भी बताए जा रहे हैं, जो फिलहाल खुलकर सामने आने के बजाय राजनीतिक परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे संभावित दावेदार यह देखना चाहते हैं कि प्रमुख राजनीतिक दल किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और टिकट वितरण को लेकर क्या रणनीति अपनाई जाती है। इसके बाद ही वे अपनी दावेदारी खुलकर सामने रख सकते हैं।
दूसरी ओर सभापति पद सामान्य होने के बाद प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए भी संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन महत्वपूर्ण हो गया है। सामान्य सीट होने के कारण पार्टी के भीतर दावेदारी करने वालों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में राजनीतिक दलों के सामने मजबूत संगठनात्मक पकड़, जनाधार और पार्षदों के बीच स्वीकार्यता रखने वाले चेहरे को आगे लाने की चुनौती रहेगी।
हालांकि नगर परिषद सभापति का पद महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र जरूर है, लेकिन इसे लेकर एक बात पर राजनीतिक विश्लेषक और जानकार लगातार जोर देते रहे हैं कि विधायक बनने की राह सीधे सभापति के कार्यालय से होकर नहीं गुजरती। नगर परिषद की राजनीति और विधानसभा की राजनीति के समीकरण अलग-अलग हो सकते हैं। ऐसे में सभापति पद की दावेदारी को भविष्य की विधानसभा राजनीति से जोडक़र देखना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद श्रीगंगानगर की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं। कौन सा नेता खुलकर मैदान में आता है, किस पार्टी से किस चेहरे को समर्थन मिलता है और चुनावी परिस्थितियां किस दिशा में जाती हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
आरक्षण लॉटरी में श्रीगंगानगर के साथ हनुमानगढ़ नगर परिषद सभापति पद का समीकरण भी बदला है। पिछली बार हनुमानगढ़ में नगर परिषद चेयरमैन का पद अनारक्षित था, जबकि इस बार यह पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इस बदलाव से दोनों शहरों की स्थानीय राजनीति में दावेदारों और राजनीतिक दलों के समीकरण प्रभावित होने की संभावना है।
फिलहाल श्रीगंगानगर में सामान्य सीट सामने आने के बाद संभावित दावेदारों के नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। हालांकि अंतिम तस्वीर चुनाव कार्यक्रम, राजनीतिक दलों के निर्णय और उम्मीदवारों के सामने आने के बाद ही साफ होगी।

📧 Sandhyadeep Newsletter
नई और महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाएं।
Subscribe करने के बाद confirmation email आएगा।
RELATED ARTICLES

Sandhyadeep E paper

Sandhyadeep 15-8-26

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!

Most Popular

Recent Comments

SANDHYADEEP

मुख्य श्रेणियां