जयपुर, 13 अगस्त। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 से पहले राजस्थान में जिला प्रमुखों के आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। गुरुवार को जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इसके साथ ही कई जिलों में चुनावी दावेदारों के समीकरण भी बदलने लगे हैं।
लॉटरी प्रक्रिया शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज विभाग डॉ. जोगाराम की अध्यक्षता में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुई। आरक्षण का निर्धारण निर्धारित प्रावधानों और रोटेशन व्यवस्था के तहत किया गया।
ओबीसी के खाते में 5 पद
ओबीसी वर्ग के लिए जिला प्रमुख के 5 पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें ब्यावर और सीकर जिला परिषदों में महिला जिला प्रमुख का पद आरक्षित हुआ है।
एससी के लिए 8 और एसटी के लिए 7 पद
अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 8 जिला प्रमुख पद आरक्षित किए गए हैं। दौसा, भरतपुर, टोंक और धौलपुर में एससी महिला के लिए पद आरक्षित हुआ है।
अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 7 पद आरक्षित किए गए हैं। सलूम्बर, प्रतापगढ़ और अलवर में एसटी महिला जिला प्रमुख का पद निर्धारित किया गया है।
11 जिलों में सामान्य महिला की बारी
सामान्य महिला के लिए 11 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें चूरू, अजमेर, झुंझुनू, चित्तौड़गढ़, हनुमानगढ़, डीग, श्रीगंगानगर, झालावाड़, फलोदी, बीकानेर और कोटा शामिल हैं।
10 जिला परिषदों में पद अनारक्षित
बारां, बाड़मेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, करौली, कोटपूतली-बहरोड़, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर में जिला प्रमुख का पद अनारक्षित रखा गया है।
महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण
शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने कहा कि लॉटरी प्रक्रिया में आरक्षण के सभी निर्धारित प्रावधानों और रोटेशन व्यवस्था का पालन किया गया है। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव में सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी सभी श्रेणियों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू रहेगा।
पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी
विभाग के अनुसार लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है, ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अधिकारी, पत्रकार और आमजन भी मौजूद रहे।
लॉटरी के साथ चुनावी तैयारी तेज
जिला प्रमुखों के आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद अब पंचायती राज चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। आरक्षण के आधार पर संभावित दावेदारों की तलाश और राजनीतिक दलों की रणनीति में बदलाव शुरू होगा। अब चुनाव संबंधी अगली कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।
लॉटरी प्रक्रिया के दौरान भारत भूषण गोयल, उप शासन सचिव, रामचंद्र सैनी, सहायक आयुक्त, पंचायती राज विभाग सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।








