\n \n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n\n
Tuesday, September 15, 2026
HomeSri Ganganagarदल-बदलू पार्षदों को क्या इस बार जनता सिखाएगी सबक?

दल-बदलू पार्षदों को क्या इस बार जनता सिखाएगी सबक?

प्रकाशित: 22 Aug 2026, 8:16 PMअपडेट: 23 Aug 2026, 12:56 AMपढ़ने का समय: 3 मिनट
शेयर करेंFacebookX
18 views

रायसिंहनगर(सुखदीप सिंह)। नगर पालिका चुनाव की सरगर्मियां तेज होते ही वार्डों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस बार सबसे अधिक चर्चा उन पार्षदों की हो रही है, जो पिछले नगर पालिका बोर्ड के कार्यकाल में लगातार पाला बदलने को लेकर सुर्खियों में रहे। शहर के राजनीतिक गलियारों में अब सवाल उठ रहा है कि क्या ऐसे दल-बदलू पार्षदों को इस बार जनता अपने वोट के जरिए सबक सिखाएगी?
पिछले कार्यकाल में नगर पालिका में कई ऐसे पार्षद रहे, जिनकी राजनीतिक निष्ठा किसी एक दल या विचारधारा के बजाय तत्कालीन अध्यक्ष के साथ दिखाई दी। अध्यक्ष बदला तो उनका समर्थन भी बदल गया। राजनीतिक चर्चाओं में ऐसे पार्षदों की तुलना ‘बिन पेंदे के लोटे’ से तक की जाती रही, जो सत्ता की दिशा बदलते ही उसी ओर झुकते नजर आए।
हालांकि अध्यक्षों ने मजबूरी में ऐसे पार्षदों को अपने साथ बनाए रखा, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता और लगातार बदलते समीकरणों के चलते उन पर पूरी तरह भरोसा करना भी मुश्किल रहा। इसका असर वार्डों के विकास कार्यों पर पड़ा। जिन पार्षदों को जनता ने अपने क्षेत्र की समस्याएं नगर पालिका बोर्ड तक पहुंचाने और विकास करवाने की उम्मीद से चुना था, उनके कार्यकाल में कई मतदाताओं को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने की शिकायत रही।
अब चुनावी माहौल में ऐसे पार्षदों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता बचाने की है। कई वार्डों में मतदाता कथित तौर पर उनके पुराने राजनीतिक रुख और बदलते समीकरणों का हिसाब-किताब करने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि संभावित दावेदारों के बीच चुनाव लडऩे को लेकर असमंजस की स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
एक ओर चुनावी लड्डू खाने की इच्छा और दोबारा नगर पालिका में पहुंचने की महत्वाकांक्षा है, तो दूसरी ओर पिछले कार्यकाल में एक का साथ छोडक़र दूसरे और दूसरे का साथ छोडक़र तीसरे खेमे में जाने की राजनीतिक कहानी भी सामने खड़ी है। ऐसे में दावेदारों को डर है कि कहीं जनता इस बार उनके पुराने राजनीतिक फैसलों का जवाब मतदान के जरिए न दे दे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी रण में उतरने वाले इन चेहरों को जनता दोबारा मौका देती है या फिर दल-बदल की राजनीति का हिसाब वोट की चोट से चुकाती है। आने वाले दिनों में प्रत्याशियों की घोषणा और नामांकन के साथ तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

📧 Sandhyadeep Newsletter
नई और महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाएं।
Subscribe करने के बाद confirmation email आएगा।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!

Most Popular

Recent Comments

SANDHYADEEP

मुख्य श्रेणियां