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कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से निफ्टी और सेंसेक्स पर दबाव

प्रकाशित: 8 Sep 2026, 2:40 PMअपडेट: 8 Sep 2026, 2:58 PMपढ़ने का समय: 2 मिनट
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मुंबई। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दिया। रॉयटर्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 1.4 प्रतिशत बढ़कर 98.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। 

निफ्टी 50 में पूरे कारोबारी सत्र के दौरान दबाव बना रहा। सामान्य कारोबार के दौरान दोपहर 3:15 बजे निफ्टी 0.58 प्रतिशत नीचे था। इसके बाद नए क्लोजिंग ऑक्शन सत्र में सूचकांक के संकेतात्मक स्तर में तेज उतार-चढ़ाव आया और यह एक समय 1.8 प्रतिशत तक नीचे चला गया। हालांकि, बाद में नुकसान कम हुआ और निफ्टी अंततः 0.61 प्रतिशत गिरकर 23,635.10 अंक पर बंद हुआ। 

बीएसई सेंसेक्स भी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,577.58 अंक पर बंद हुआ। रॉयटर्स के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। बैंक का संकेतात्मक बंद भाव एक समय 3.91 प्रतिशत तक नीचे चला गया, हालांकि अंतिम रूप से शेयर 1.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। 

बाजार पर तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव मुख्य कारणों में रहा। रॉयटर्स के अनुसार, यमन के ईरान समर्थित हूती समूह द्वारा सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की जानकारी सामने आने के बाद ब्रेंट क्रूड में तेजी आई। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। 

बाजार के 16 प्रमुख क्षेत्रों में से आठ में गिरावट रही। वित्तीय और निजी बैंकिंग शेयरों पर दबाव रहा। आईसीआईसीआई बैंक करीब 2 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.1 प्रतिशत नीचे बंद हुए। दूसरी ओर, रक्षा क्षेत्र के शेयरों में तेजी रही और रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद रक्षा शेयरों का सूचकांक करीब 2.5 प्रतिशत चढ़ा। 

रॉयटर्स के अनुसार, 3 अगस्त से लागू नए क्लोजिंग ऑक्शन सत्र के बाद साप्ताहिक और मासिक डेरिवेटिव सौदों की समाप्ति वाले दिनों में बाजार में अंतिम समय की अस्थिरता बढ़ी है। इससे ऐसे कारोबारियों के लिए अंतिम कीमत का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है, जो विकल्पों की व्यवस्थित रणनीतियों के आधार पर कारोबार करते हैं।

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