श्रीगंगानगर। नगर परिषद चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बगावत करते हुए नामांकन दाखिल करने वाले कार्यकर्ताओं को मनाने में भाजपा और कांग्रेस के नेता फिलहाल सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं। बुधवार को नामांकन पत्र वापस लेने की प्रक्रिया जारी है और दोपहर 2 बजे तक 65 वार्डों में से केवल एक नामांकन पत्र वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद शेष अभ्यर्थियों की नाम और वार्डवार सूची बुधवार को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई। राजनीतिक दलों की ओर से टिकट से नाराज होकर निर्दलीय या बागी के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले कार्यकर्ताओं को मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक इसका ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया है।
श्रीगंगानगर तहसीलदार ने बताया कि बुधवार को दोपहर 2 बजे तक केवल एक नामांकन पत्र वापस लिया गया था। चूंकि नामांकन वापसी की प्रक्रिया अभी जारी है, इसलिए अंतिम संख्या सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कुल कितने उम्मीदवार चुनाव मैदान से बाहर होते हैं।
बड़ी संख्या में बागी उम्मीदवारों के मैदान में बने रहने की स्थिति भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। टिकट वितरण से नाराज कार्यकर्ताओं के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडऩे से संबंधित वार्डों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और अधिकृत प्रत्याशियों के सामने वोटों के बंटवारे की स्थिति पैदा हो सकती है।
भाजपा में टिकट वितरण को लेकर नाराजगी की चर्चा भी सामने आ रही है। कांग्रेस पृष्ठभूमि के लोगों को टिकट दिए जाने से कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं में असंतोष बताया जा रहा है। एक वार्ड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक नेता के सामने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। इससे पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष की स्थिति का संकेत मिल रहा है।
फिलहाल नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही यह साफ होगा कि कितने बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में कायम रहते हैं और कितने नामांकन वापस लेते हैं। इसके बाद ही 65 वार्डों में चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।







