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Tuesday, September 15, 2026
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श्रीगंगानगर नगर परिषद चुनाव में मतदान प्रतिशत घटा, दर्ज हुआ 71.70 प्रतिशत वोटिंग

प्रकाशित: 13 Sep 2026, 11:57 AMअपडेट: 13 Sep 2026, 12:35 PMपढ़ने का समय: 5 मिनट
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श्रीगंगानगर। नगर परिषद चुनाव में 71.70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों को देखें तो शुरुआती घंटों में मतदाताओं में अपेक्षाकृत अधिक उत्साह दिखाई दिया, लेकिन दोपहर बाद मतदान की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई।

मतदान वाले दिन सुबह के पहले तीन घंटों में 20.91 प्रतिशत मतदान हुआ। इसे सामान्य भाषा में करीब 21 प्रतिशत कहा जा सकता है। इसके बाद सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच मतदान प्रतिशत बढ़कर 43.37 प्रतिशत हो गया। यानी इन तीन घंटों में 22.46 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।

दोपहर 3 बजे जारी आंकड़ों में मतदान 56.18 प्रतिशत पहुंचा। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच केवल 12.81 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई। इससे यह संकेत मिलता है कि दोपहर के समय मतदान की गति शुरुआती घंटों की तुलना में धीमी रही।

इसके बाद अंतिम आंकड़ा 71.70 प्रतिशत रहा। यानी 3 बजे के बाद मतदान में 15.52 प्रतिशत अंक की और वृद्धि हुई। मतदान के समय और अंतिम आंकड़े को देखते हुए यह जरूर कहा जा सकता है कि पूरे दिन मतदान की गति एक समान नहीं रही।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मतदान प्रतिशत में आई कमी का राजनीतिक असर किस दल पर पड़ेगा। इसका जवाब केवल मतदान प्रतिशत से देना संभव नहीं है। कम मतदान का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों, वार्डों और प्रत्याशियों के समर्थक आधार पर निर्भर करता है। यदि किसी दल के परंपरागत मतदाता अपेक्षाकृत कम संख्या में मतदान करने पहुंचे हों तो उसका असर उस दल के परिणाम पर पड़ सकता है। वहीं यदि कम मतदान सभी दलों के समर्थक वर्गों में लगभग समान रहा हो तो चुनाव परिणाम पर इसका प्रभाव सीमित भी हो सकता है।

अंतिम परिणाम का वास्तविक आकलन मतगणना के बाद ही संभव होगा। मतगणना प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगी और इसके बाद प्रत्येक वार्ड का परिणाम सामने आएगा।

2019 से तुलना करें तो उपलब्ध चुनावी आंकड़ों में श्रीगंगानगर नगर परिषद के मतदान का पोलिंग-डे आंकड़ा 72.63 प्रतिशत बताया गया था। इस बार 71.70 प्रतिशत मतदान दर्ज होने पर इसमें 0.93 प्रतिशत अंक की कमी दिखाई देती है। हालांकि 2019 के अंतिम आंकड़े से तुलना करने पर अंतर अलग हो सकता है, इसलिए दोनों वर्षों में समान आधार वाले अंतिम आंकड़ों की तुलना करना अधिक उचित होगा।

इस बार की तुलना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नगर परिषद के परिसीमन में ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरी निकाय की सीमा में शामिल किया गया है। उदाहरण के तौर पर 4 एमएल को वार्ड संख्या 36 में शामिल किया गया। इसी तरह अन्य ग्रामीण क्षेत्रों को भी नगर परिषद के वार्डों में जोड़ा गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय चुनावों के दौरान प्रत्याशियों का मतदाताओं से सीधा संपर्क और स्थानीय स्तर पर चुनावी भागीदारी कई बार मतदान को प्रभावित करती है। ऐसे में नए शामिल ग्रामीण क्षेत्रों के बावजूद कुल मतदान प्रतिशत में कमी होना राजनीतिक और सामाजिक अध्ययन का विषय जरूर बनता है।

यदि श्रीगंगानगर में विधानसभा चुनावों के आंकड़ों को भी साथ रखकर देखा जाए तो मतदान प्रतिशत में गिरावट की एक दीर्घकालीन प्रवृत्ति दिखाई देती है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र में 82.47 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2018 में यह घटकर 77.17 प्रतिशत और 2023 में 75.88 प्रतिशत रह गया।

हालांकि मतदान प्रतिशत में गिरावट को सीधे तौर पर यह प्रमाण नहीं माना जा सकता कि लोगों का राजनीति से मोहभंग हो रहा है। मतदान को प्रभावित करने वाले कई कारण हो सकते हैं—प्रत्याशियों की लोकप्रियता, स्थानीय मुद्दे, मतदाता की व्यक्तिगत परिस्थितियां, चुनाव के प्रति विश्वास, मौसम, चुनावी अभियान और राजनीतिक दलों की सक्रियता आदि।

फिर भी लगातार अलग-अलग चुनावों में मतदान प्रतिशत में कमी होना राजनीतिक दलों के लिए विचार का विषय है। खास तौर पर नगर परिषद चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनमें पार्षद सीधे मोहल्ले और स्थानीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। इसके बावजूद यदि मतदाता पहले की तुलना में कम संख्या में मतदान केंद्र तक पहुंच रहे हैं तो राजनीतिक दलों को इसके कारणों को समझने की जरूरत है।

अमेरिका के चुनावों का उदाहरण भी इसी संदर्भ में लिया जा सकता है। वहां राष्ट्रपति चुनाव और मध्यावधि चुनावों में मतदान भागीदारी अलग-अलग रहती है और मतदान प्रतिशत भारत के चुनावों से सीधे तुलना करने योग्य नहीं है। इसलिए केवल शिक्षा के स्तर को मतदान प्रतिशत से जोड़ना उचित नहीं होगा।

अमेरिकी राजनीति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘Make America Great Again’ यानी ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ का नारा लंबे समय से इस्तेमाल किया है। उनके प्रशासन ने निवेश आकर्षित करने, करों में बदलाव और दवाओं की कीमतों को कम करने के लिए कई नीतियों और समझौतों पर जोर दिया है।

इसी तरह सितंबर 2026 में ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के नवंबर के मध्यावधि चुनावों में दोनों सदनों पर नियंत्रण बनाए रखने की स्थिति में प्रत्येक वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर का ‘ट्रंप डिविडेंड’ देने का प्रस्ताव रखा है।

श्रीगंगानगर नगर परिषद चुनाव का अंतिम राजनीतिक संदेश मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन मतदान प्रतिशत ने एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—क्या मतदाताओं की चुनावी भागीदारी धीरे-धीरे कम हो रही है और यदि ऐसा है तो इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं? इसका जवाब केवल राजनीतिक दलों को नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों को तलाशना होगा।

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