हनुमानगढ़। जिले में इन दिनों सट्टे के कथित अवैध कारोबार को लेकर एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। शहर से लेकर कस्बों तक यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक दबाव के चलते हनुमानगढ़ का कथित ‘सट्टा किंग’ बदल गया है?
चर्चा है कि लंबे समय से सट्टे के कारोबार में सक्रिय बताए जा रहे एक कारोबारी को अब अपना नेटवर्क समेटना पड़ा है। कहा जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते कथित सट्टा कारोबार से जुड़े कई खुदरा कारोबारी, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘लगाईवाल’ कहा जाता है, अब किसी दूसरे कथित आका के संपर्क में आ गए हैं।
हनुमानगढ़ जिले में लंबे समय से सट्टे के अवैध कारोबार को लेकर आरोप लगते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस कारोबार का नेटवर्क कई इलाकों तक फैला हुआ है और रोजाना बड़ी रकम का लेन-देन होने का दावा किया जाता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
श्रीगंगानगर की तर्ज पर हनुमानगढ़ में भी कथित सट्टा कारोबार को लेकर अलग-अलग गुटों और उनके प्रभाव को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। अब नई चर्चा के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वास्तव में पुराने नेटवर्क की जगह किसी नए व्यक्ति ने अपना प्रभाव कायम कर लिया है या फिर यह केवल कारोबारी गुटों के बीच चल रही खींचतान का हिस्सा है।
सबसे बड़ा सवाल राजनीतिक दबाव को लेकर है। चर्चा करने वाले लोगों का दावा है कि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण कथित सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों ने अपना नेतृत्व बदल लिया है। हालांकि इस संबंध में न तो किसी राजनीतिक दल या नेता की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही पुलिस की ओर से किसी नए ‘सट्टा किंग’ के बारे में कोई पुष्टि की गई है।
ऐसे में यह मामला फिलहाल चर्चाओं तक सीमित है। यदि पुलिस इस कथित अवैध कारोबार के नेटवर्क की जांच करती है तो यह स्पष्ट हो सकता है कि हनुमानगढ़ में वास्तव में सट्टा कारोबार के संचालन में कोई बदलाव हुआ है या फिर ‘सट्टा किंग बदलने’ की चर्चा महज अफवाह है।
क्या हनुमानगढ़ में बदल गया सट्टा किंग? राजनीतिक दबाव की चर्चा से बाजार में हलचल
27 views
📧 Sandhyadeep Newsletter
नई और महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाएं।
Subscribe करने के बाद confirmation email आएगा।
RELATED ARTICLES







