ओटावा, 3 सितंबर। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ ऐसे व्यापार समझौते के लिए तैयार है, जिससे दोनों देशों को लाभ हो। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते में स्थिरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होना जरूरी है।
कार्नी ने गुरुवार को ओंटारियो के थंडर बे में पत्रकारों से कहा कि ऐसा समझौता जो कनाडाई श्रमिकों, परिवारों और कारोबारियों के हित में हो, वही अमेरिकी परिवारों, व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए भी फायदेमंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका तैयार होगा, कनाडा बातचीत की मेज पर बैठकर समझौता करने के लिए तैयार है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले महीने दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता अंतिम चरण में टूट गई थी। कनाडा ने अमेरिकी पक्ष की कुछ अंतिम समय की मांगों को स्वीकार करने से इनकार किया था।
कार्नी ने अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि कनाडा ने घरेलू राजनीति के कारण समझौते से पीछे कदम खींचा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नियुक्त और गैर-निर्वाचित कैबिनेट सदस्य कनाडाई राजनीति के विशेषज्ञ नहीं हैं।
कार्नी ने संकेत दिया कि अमेरिका के रुख में हाल में कुछ नरमी आई है, जिससे भविष्य में बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना बन सकती है। उन्होंने कहा कि पिछली बातचीत में अमेरिका कुछ मुद्दों पर “हमारी बात मानो या रास्ता छोड़ो” जैसा रुख अपना रहा था, लेकिन अब स्थिति कुछ बदली हुई दिखाई दे रही है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्नी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की और चेतावनी दी कि कनाडा की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है।
कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार तनाव के बीच दोनों देशों के उद्योगों पर टैरिफ का दबाव बना हुआ है। ऐसे में दोनों पक्षों के लिए स्थिर और दीर्घकालिक व्यापार समझौता आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








