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G20 बैठक में रूसी वित्त मंत्री की मौजूदगी पर यूरोप और अमेरिका में उभरे मतभेद

प्रकाशित: 31 Aug 2026, 11:46 PMअपडेट: 1 Sep 2026, 12:25 AMपढ़ने का समय: 3 मिनट
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एशविले। अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना स्थित एशविले में सोमवार को शुरू हुई G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक प्रमुखों की बैठक में रूस की भागीदारी को लेकर यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच मतभेद खुलकर सामने आए। रूसी वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव की व्यक्तिगत मौजूदगी ने बैठक के आर्थिक एजेंडे से ज्यादा राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा को जन्म दिया। यह यूक्रेन पर रूस के 2022 के आक्रमण के बाद पहली बार है जब सिलुआनोव व्यक्तिगत रूप से इस स्तर की G20 बैठक में शामिल हुए हैं।

बैठक में जर्मनी के वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबाइल ने रूस की मौजूदगी पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब यूक्रेन में युद्ध जारी है और हर दिन लोग मारे जा रहे हैं, तब मॉस्को के साथ संबंधों को सामान्य स्थिति में लौटाना संभव नहीं है। क्लिंगबाइल ने कहा कि रूसी वित्त मंत्री को सामान्य अतिथि की तरह स्वीकार किए जाने का संकेत उन्हें बेहद चिंताजनक लगा। जर्मनी ने यह भी कहा कि यूरोप रूस के खिलाफ प्रतिबंधों का एक और पैकेज तैयार कर रहा है और वह इस मामले में वाशिंगटन के साथ करीबी सहयोग चाहता है।

रूसी वित्त मंत्रालय के अनुसार, सिलुआनोव ने बैठक के दौरान अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ अलग से बातचीत भी की। दोनों के बीच वित्तीय मामलों में रूस-अमेरिका सहयोग और G20 के ढांचे में आपसी समन्वय पर चर्चा हुई। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस बैठक में यूक्रेन के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना पर भी चर्चा हुई। एक रिपोर्ट के मुताबिक बेसेंट ने सिलुआनोव को यह स्पष्ट किया कि यूक्रेन युद्ध समाप्त होने तक रूस को आर्थिक राहत या प्रतिबंधों में ढील देने की संभावना नहीं है।

रूस की भागीदारी को लेकर यूरोपीय प्रतिनिधियों ने विरोध का एक और तरीका अपनाया। यूरोपीय अधिकारियों ने पारंपरिक G20 ‘फैमिली फोटो’ में रूसी वित्त मंत्री के साथ खड़े होने पर आपत्ति जताई। अंततः समूह तस्वीर सिलुआनोव की गैरमौजूदगी में ली गई। यूरोपीय अधिकारियों का कहना है कि रूस के साथ बातचीत का रास्ता खुला रहना जरूरी है ताकि मॉस्को को स्पष्ट संदेश दिया जा सके, लेकिन इसे संबंधों के सामान्यीकरण के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

G20 की इस बैठक में रूस का मुद्दा ऐसे समय उठा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही कई दबावों का सामना कर रही है। बैठक में वैश्विक आर्थिक वृद्धि, बढ़ते कर्ज, निवेश, ऊर्जा संकट और व्यापार संबंधों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने वैश्विक विकास को गति देने के लिए नियमन कम करने, निवेश बढ़ाने और आर्थिक सुधारों पर जोर दिया। लेकिन रूस की भागीदारी और यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों के मतभेद यह संकेत दे रहे हैं कि G20 के भीतर साझा आर्थिक एजेंडे पर सहमति बनाना इस बार आसान नहीं होगा।

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