नई दिल्ली/लंदन। सोने की कीमतों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। Reuters के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ीं, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस सप्ताह ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद मजबूत हुई। बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और मजबूत डॉलर ने भी सोने पर दबाव डाला।
Reuters के मुताबिक, मंगलवार को स्पॉट गोल्ड 0.7 प्रतिशत गिरकर 4,266.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था। इससे पहले सोमवार को सोना 7 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 1 प्रतिशत गिरकर 4,307.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे पर है। फेड बुधवार को अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। बाजार में इस बात की मजबूत उम्मीद है कि फेड अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है।
सोने पर क्यों बढ़ा दबाव?
सोना ब्याज नहीं देता है, इसलिए जब ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड बढ़ती हैं तो निवेशकों के लिए सोने की तुलना में ब्याज देने वाली परिसंपत्तियां अधिक आकर्षक हो सकती हैं। Reuters के अनुसार, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड मंगलवार को 2007 के बाद के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। डॉलर में मजबूती से भी अन्य मुद्राओं में सोना रखने वाले निवेशकों के लिए इसकी कीमत बढ़ जाती है।
विश्लेषकों के अनुसार, तेल की कीमतों में तेजी महंगाई के दबाव को बढ़ा सकती है। इससे फेड के लिए ब्याज दरों में कटौती के बजाय दरें ऊंची रखने या आगे बढ़ाने की संभावना बढ़ती है, जो सोने के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है।



