श्रीगंगानगर। नगर परिषद सभापति चुनाव के बीच श्रीगंगानगर में पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जवाहरनगर थाने में शनिवार रात तीन प्रमुख कारोबारियों मुकेश शाह, संजय मूंदड़ा और अशोक चांडक के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुकेश शाह और अशोक चांडक के निवास पर दबिश दी। रविवार शाम को भी पुलिस टीमें दोनों के घर पहुंचीं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान राज्य सरकार की एक एजेंसी के पास तलाशी से संबंधित वारण्ट नहीं होने की बात भी सामने आई है।
दूसरी ओर संजय मूंदड़ा को हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। मूंदड़ा नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बताए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस कार्रवाई और अदालत से मिली राहत का सीधा असर सभापति पद के चुनावी समीकरणों पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
सुनील पहलवान के घर भी पहुंची पुलिस
इसी घटनाक्रम के बीच पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ के भांजे सुनील पहलवान के निवास पर भी पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता के दौरान कथित रूप से हथियार लेकर प्रचार करने से जुड़ा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले भी सुनील पहलवान से संबंधित हथियार प्रदर्शित करने वाले वीडियो को लेकर पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आ चुकी है।
हनुमानगढ़ में गणेशराज बंसल गिरफ्तार
इधर पड़ोसी जिले हनुमानगढ़ में भी नगर परिषद सभापति चुनाव से ठीक पहले बड़ा घटनाक्रम हुआ है। निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को सीआईडी-सीबी ने 2003 से जुड़े कथित फर्जी पट्टा मामले में गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में बंसल, उनकी पत्नी और अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हैं।
बंसल की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों और निर्दलीय पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया तथा हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस थाने का घेराव भी किया। प्रशासन की ओर से चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
दोनों जिलों में एक साथ तेज हुई पुलिस कार्रवाई और नगर परिषद सभापति चुनाव के बीच सामने आए इन घटनाक्रमों ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। श्रीगंगानगर में अब निगाहें इस बात पर हैं कि दर्ज मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई क्या रहती है और अदालत से मिली राहत के बाद संजय मूंदड़ा के चुनावी अभियान पर इसका क्या असर पड़ता है।


