सांगरूर। पंजाब के सांगरूर की एसएसपी डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल उन पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी पेशेवर यात्रा सामान्य प्रशासनिक पृष्ठभूमि से अलग रही है। दंत चिकित्सक के रूप में करियर शुरू करने के बाद उन्होंने पंजाब सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल की और बाद में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। वह 2015 बैच की पंजाब कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। मई 2026 में उन्हें सांगरूर का एसएसपी नियुक्त किया गया।
सांगरूर में उनके कार्यकाल की एक प्रमुख पहल ‘समाधान कैंप’ रही है। जुलाई 2026 में धूरी में आयोजित कैंप में एसएसपी ग्रेवाल ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों की शिकायतें सीधे सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की निष्पक्ष तथा समयबद्ध जांच के निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार इन कैंपों का उद्देश्य लोगों को बार-बार पुलिस कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और वरिष्ठ अधिकारियों तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित करना है।
अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर सांगरूर पुलिस ने जुलाई में भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने के मामले में तेजी से कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार घटना के 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मानव और तकनीकी खुफिया जानकारी की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया। मामले में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए तथा बाद में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून की धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस ने कथित विदेशी हैंडलर के संपर्क और भुगतान के एंगल की जांच की बात कही थी।
उनके कार्यकाल में धूरी के दोहरे हत्याकांड की जांच भी पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में रही। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों की गिरफ्तारी और दो मोटरसाइकिल बरामद करने की जानकारी दी थी। इस तरह सांगरूर पुलिस की अपराध जांच में तेज कार्रवाई और तकनीकी व मानवीय खुफिया जानकारी के इस्तेमाल पर जोर दिखाई देता है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई भी रवजोत ग्रेवाल के पुलिस करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। हालांकि यहां एक तथ्यात्मक अंतर बनाए रखना जरूरी है। 2025 में तरनतारन में उनके नेतृत्व में चलाए गए ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में एनडीपीएस मामलों, गिरफ्तारियों और नशीले पदार्थों की बरामदगी की जानकारी दी थी। इन आंकड़ों को सांगरूर के मौजूदा कार्यकाल की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
रवजोत ग्रेवाल की मौजूदा पुलिसिंग में अपराध नियंत्रण के साथ जनसंपर्क और शिकायत निवारण को भी महत्व मिलता दिखाई देता है। सांगरूर पुलिस ने महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, नशा तस्करी, यातायात व्यवस्था और रोजमर्रा की नागरिक समस्याओं को भी प्राथमिकताओं में शामिल बताया है।
अक्टूबर 2026 की एक घटना में मुख्यमंत्री के ओएसडी के घर सीबीआई की तलाशी के दौरान फूल बरसाने और ढोल बजाने का मामला भी सामने आया। इस घटनाक्रम में एसएसपी ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि दो लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था, लेकिन उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया और बाद में परिवार के हवाले कर दिया गया। उन्होंने एसएचओ के निलंबन को भी इस वायरल वीडियो से अलग विभागीय कार्रवाई बताया। इस मामले को उनकी उपलब्धि के बजाय उनके वर्तमान पद पर कानून-व्यवस्था संभालने की चुनौती के रूप में देखना अधिक उचित होगा।
रवजोत ग्रेवाल के अब तक के करियर को देखें तो उनकी पहचान केवल अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने वाली अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुभव, पुलिस जांच, नशा विरोधी अभियान और जनशिकायतों तक फैले कार्यक्षेत्र वाली अधिकारी के रूप में बनती है।



