श्रीगंगानगर। घातक चोट कारित करने के आरोप में गिरफ्तार किये गये तेजेन्द्रपालसिंह टिम्मा को दो दिन की पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया। टिम्मा को रविवार को पुलिस ने बाबा दीपसिंह गुरुद्वारा परिसर से गिरफ्तार किया था। विरोध में धरना दिया गया जो बाद में समाप्त हो गया लेकिन गिरफ्तारी के समय विरोध करने के मामले में पुरानी आबादी थाना पुलिस ने राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में एक पुलिस कार्मिक की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं टिम्मा ने अपने खिलाफ साजिश होने का आरोप लगाया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार विनोबा बस्ती निवासी तेजेन्द्रपालसिंह टिम्मा को रविवार 4 अक्टूबर को पदमपुर मार्ग से गिरफ्तार किया गया था। वह गुरुद्वारा परिसर में बने गेस्ट हाउस में था। टिम्मा पर एक व्यवसायिक संस्थान के संचालक ने अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर घातक चोट कारित करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था। एक लाख रुपये की राशि लूटने का भी आरोप है।
कोतवाली पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच टिम्मा को अदालत परिसर में सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश करते हुए पांच दिन का रिमांड मांगा। पुलिस ने बरामदगी आदि के लिए अदालत में अभिरक्षा की मांग की और अदालत ने दो दिन की पुलिस हिरासत की अवधि को स्वीकार कर लिया।
थानाधिकारी तेजवंत सिंह बराड़ ने कहा है कि अदालत के समक्ष टिम्मा की पृष्ठभूमि को भी पेश किया गया। उसके खिलाफ पूर्व में 20 से ज्यादा मुकदमे विभिन्न धाराओं में दर्ज हुए थे।
वहीं अदालत परिसर में टिम्मा ने मीडिया को दिये बयानों में आरोप लगाया कि उसके खिलाफ साजिश रची गयी और सादुलशहर विधायक गुरवीर सिंह बराड़ तथा अंध विद्यालय के संचालक, स्वामी ब्रह्मदेव गेम खेल गये।
बराड़ और ब्रह्मदेव की एंट्री कैसे हुई?
विधायक गुरवीर सिंह बराड़ पर टिम्मा गुट पूर्व में हनुमानगढ़ जिले के गोलूवाला क्षेत्र में गुरुद्वारा साहिब के कब्जे को लेकर आरोप लगाता रहा है। असल में टिम्मा समर्थकों के पास गुरुद्वारा की सेवा का कार्य था। वहीं दूसरे गुट का आरोप था कि निर्धारित समय पर प्रबंध समिति के चुनाव नहीं करवाये गये। इस विवाद में खूनी संघर्ष भी हुआ था और उस समय टिम्मा समर्थकों को गोलूवाला गुरुद्वारा परिसर से जाना पड़ा था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कातिलाना हमला करने के आरोप लगाये थे। मौजूदा श्रीगंगानगर कोतवाल तेजवंत सिंह को उसके उपरांत गोलूवाला एसएचओ लगाया गया। तेजवंत सिंह ने अब जिला बदल लिया और श्रीगंगानगर कोतवाल पद पर नियुक्ति प्राप्त की। तेजवंत सिंह इससे पहले भी श्रीगंगानगर के घमूड़वाली, लालगढ़ आदि पुलिस थानों में नियुक्त रहे हैं लेकिन कभी सिटी के थाने की जिम्मेदारी नहीं संभाली थी।
उस समय भी टिम्मा समर्थकों का आरोप था कि विधायक गुरवीर सिंह बराड़ के हस्ताक्षेप के कारण गुरुद्वारा के कब्जे को लेकर विवाद हुआ था।
वहीं स्वामी ब्रह्मदेव के साथ टिम्मा के 36 का आकड़ा चल रहा है। पूर्व में दोनों काफी निकट थे लेकिन कुछ समय से दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। सोशल मीडिया पर दोनों पक्ष एक-दूसरे को देख लेने की चेतावनी देते रहे। टिम्मा ने अपनी गिरफ्तारी और मुकदमो के लिए सीधे तौर पर विधायक बराड़ और स्वामी ब्रह्मदेव को जिम्मेदार ठहरा दिया है।
इस तरह से टिम्मा, ब्रह्मदेव और विधायक बराड़ के बीच की पृष्ठभूमि का खुलासा होता है।
पुरानी आबादी पुलिस थाना में मुकदमा
कोतवाली पुलिस थाना के एक कांस्टेबल ने पुरानी आबादी पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोप लगाया गया है कि टिम्मा, बीबी हरमीत कौर व अन्य ने एक राय होकर राजकार्य में बाधा पहुंचाई। ध्यान रहे कि बाबा दीपसिंह गुरुद्वारा साहिब का परिसर पुरानी आबादी थाना के अधिकार क्षेत्र में आता है। रविवार को रेड के दौरान कोतवाली थाना पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा था। इस दौरान एक कार्मिक के घायल होने की जानकारी भी कोतवाल ने दी थी।
टाडा एक्ट का भी आरोपी रहा है टिम्मा
तेजेन्द्रपाल सिंह टिम्मा के खिलाफ दर्ज मुकदमो की एक सूची पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने जारी की है। सोमवार देर रात करीबन 11.15 बजे यह सूची जारी की गयी और इसमें बताया गया है कि टिम्मा पर 21 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें धोखाधड़ी, समाज में धर्म के आधार पर वैमस्य पैदा करने के आरोप में धारा 153ए, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने, मारपीट तथा टाडा एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। टिम्मा के खिलाफ श्रीगंगानगर ही नहीं अपितु दिल्ली तथा अमृतसर में भी अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसमें धोखाधड़ी से पासपोर्ट तैयार करवाने आदि के भी आरोप हैं।
पुलिस अधीक्षक की चेतावनी
पुलिस अधीक्षक ने चतावनी दी है कि अगर किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक सौहार्द को समाप्त करने आदि की कोशिश करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

