

श्रीगंगानगर। कोतवाली थाना पुलिस ने रविवार को संस्थान में अनाधिकृत प्रवेश कर मारपीट के मामले में तेजेन्द्रपाल सिंह टिम्मा को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी का विरोध टिम्मा समर्थकों ने किया और पदमपुर स्टेट हाइवे को जाम कर दिया गया।
टिम्मा पदमपुर मार्ग पर स्थित बाबा दीपसिंह गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सचिव हैं। इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि टिम्मा के खिलाफ अनाधिकृत रूप से प्रवेश व मारपीट करने का आरोप है। पुलिस अधिकारी के अनुसार टिम्मा के खिलाफ पूर्व में भी अनेक मुकदमे दर्ज हैं।
दूसरी ओर टिम्मा समर्थकों ने स्टेट हाइवे जाम कर दिया। रात के समय पदमपुर मार्ग पर आवागमन बंद हो गया। अनेक समर्थक धरने पर बैठकर सतनाम वाहेगुरु का जाप कर रहे थे। समर्थकों का आरोप है कि गुरुद्वारा साहिब के लंगर हॉल तथा अन्य स्थान पर तोडफ़ोड़ की है।
वहीं कोतवाल तेजवंतसिंह ने मीडिया से कहा कि वे खुद सिख परिवार से हैं। गुरुद्वारा साहिब की मान-मर्यादा को कायम रखना जानते हैं। टिम्मा की गिरफ्तारी के लिए रेड की गयी तो वहां पर मौजूद कुछ महिलाओं ने पुलिस कार्मिकों पर हमला कर दिया, इससे एक कार्मिक घायल भी हुआ है। उनका कहना है कि गुरुद्वारा साहिब में सीसी कैमरे लगे हैं और डीवीआर की रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक किया जाये तो इन आरोप में कोई दम नहीं नजर आयेगा।
कौन है तेजेन्द्रपालसिंह टिम्मा
तेजेन्द्रपाल सिंह टिम्मा का नाम गंगानगर के लिए अनजान नहीं है। 1984 में ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान पहली बार टिम्मा का नाम सामने आया था और उसके बाद राजस्थान पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली थी। वहीं टिम्मा को पुलिस अधीक्षक रहे आलोक विशिष्ट के कार्यकाल में 2008 में गिरफ्तार किया गया था और बीकानेर भेज दिया गया था। टिम्मा के खिलाफ पिछले कुछ समय के दौरान अनेक मुकदमे दर्ज हुए हैं। उनकी गिरफ्तारी अब हुई है और उसके बाद सोमवार को पंजाब से आने वाली साध-संगत को ध्यान में रखकर पुलिस अधिकारियों के हाथ फूले हुए हैं। राजस्थान पुलिस की खुफिया रिपोर्ट का यह भी कहना है कि टिम्मा श्रीगंगानगर में संत जरनैल सिंह भिंडरावाले के विचारों का प्रचार-प्रसार करते हैं। इससे खालीस्तानी भावना को बल मिलता है।


