अमेरिका में मध्यावधि चुनाव : ट्रम्प एक बार फिर जीत रहे हैं!
श्रीगंगानगर। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव 3 नवंबर को होने हैं और प्रचार चरम पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक दिन में तीन से भी ज्यादा जनसभाएं कर रहे हैं और उन्होंने जीवनस्तर को मजबूत करने के लिए कई रियायतों का भी एलान कर दिया है। यहां तक की विदेश नीति को दरकिनार कर वे मास्को से डीजल आयात करने को भी तैयार हैं। हालांकि वे वेनेजुएला से भी अतिरिक्त तेल ले सकते थे, किंतु उन्होंने रूस से तेल लेना क्यों मंजूर किया, यह समझ से परे है और इसको भी ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ नीति के तहत देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति ट्रम्प की राजनीतिक बिसात में फेंकी जा रही गोटियां के कारण डेमोक्रेट्स भी असमंजस में हैं। जो मीडिया हाउसेज गत दिवस तक दक्षिण पंथी राजनीतिक दल की हार को निश्चित बता रहे थे, वे अब डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत पर भी संशय कर रहे हैं और यह समाचार दिया जा रहा है कि वामपंथी विचारधारा वाली डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुत बड़ी जीत नहीं मिल रही है।
मास्को से डीजल खरीदेगा वाशिंगटन
दक्षिण पंथी रिपब्लिकन पार्टी और वामपंथी डेमोक्रेट्स भी डोनाल्ड ट्रम्प की उस घोषणा से अचानक हैरत में पड़ गये हैँ जिसमें कहा गया है कि वाशिंगटन अब तेल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए रूस से डीजल की खरीद करेगा। हालांकि अमेरिकी संसद में कानून पारित है कि जो भी राष्ट्र मास्को से तेल खरीदेगा, उसपर कड़े प्रतिबंध लगाये जायेंगे। भारत और चीन भी इसी कारण ट्रम्प के निशाने पर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस मुद्दे पर कहा है कि ब्लादीमिर जेलेंस्की को समझौते की ओर रुख करना चाहिये।
सांसद उमर के निवास पर छापा
सोमालिया-अमेरिकी एल्हान उमर के सरकारी आवास पर रेड की गयी। आव्रजन संबंधी एक चल रही जांच के सिलसिले में यह छापामारी की गयी। महिला सांसद उमर सोमालिया में जन्मीं हैं और अमेरिका में कई सालों से रहते हुए सांसद निर्वाचित हुई हैं। इस रेड को उन्होंने कहा कि प्रशासन अपनी राजनीतिक दुश्मनी निकालने की कोशिश कर रहा है।
विदेश मंत्री रूबियो, ट्रम्प के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
वहीं इस बात को लेकर भी दुनिया भर में चर्चा हो रही है कि आखिर तेल की कीमतों पर किस प्रकार नियंत्रण लगाया जाये। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो दोहरी भूमिका में हैं। वे एनएसए की भी भूमिका निभा रहे हैं और कैबिनेट बैठक में भी वे राष्ट्रपति के दाएं-बाएं ही बैठते हैं। विदेश मंत्री हैं तो उनकी ही विदेश नीति चल रही है और दुनिया में किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर ट्रम्प-रूबियो की जोड़ी दुनिया को किस ओर ले जा रही है। अमेरिका की नीतियों का असर पूरी दुनिया पर होता है, यह जग जाहिर है। अब ट्रम्प ने रिपब्लिकन नेताओं की सलाह को भी नजरांदाज कर दिया और मास्को से तेल खरीदने की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान कर दी है।
सर्बियो गोर कोलकाता पहुंचे
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्बियो गोर सोमवार को कोलकाता पहुंचे और अमेरिकी वाणिज्य कार्यालय का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वे दुर्गा माता के पंडाल में भी पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक से ज्यादा पोस्ट डाली। उन्होंने नवरात्रि के अवसर पर चलने वाली दुर्गा पूजा के महत्व और स्थानीय श्रद्धा पर भी प्रकाश डाला।
इवांका के जन्मदिवस की तैयारियां आरंभ

व्हाइट हाउस की पूर्व मुख्य सलाहकार एवं राष्ट्रपति ट्रम्प की बड़ी पुत्री इवांका ट्रम्प के जन्मदिवस की तैयारियां आरंभ हो गयी हैं। उनके जन्मदिवस को समाजसेवा के रूप में मनाया जाता है। व्हाइट हाउस में रहते हुए उन्होंने पांच करोड़ महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाया था और वे अफ्रीकी आदिवासी लोगों से भी मिलीं थीं और उनके जीवनयापन के बारे में नजदीक से जानकारी हासिल की थी। अब 30 अक्टूबर को वे क्या सरप्राइज देती हैं यह देखने वाला होगा। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर साड़ी पहने हुए एक वीडियो भी शेयर की है हालांकि यह वीडियो अम्बानी परिवार के विवाह समारोह के दौरान तैयार की गयी थी किंतु जिस सफाई और सुव्यवस्था के तहत उन्होंने साड़ी पहनकर अपनी ‘चाल’ प्रदर्शित की, वह बताती है कि उनको भारतीय परिधान का काफी अनुभव है।
अब बात भारत देश की!
अब अगर भारत देश की जाये तो सामने आता है कि सोमवार को विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक जनहित याचिका भी दायर की। यह मार्च ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ही किया जा रहा था। हालांकि मुख्य न्यायाधीश ने सांसदों के साथ मुलाकात करने से इंकार कर दिया था और मीडिया से बातचीत में कहा कि ज्ञापन नहीं, याचिका लाइये। सुप्रीम कोर्ट सभी के लिए है, सभी लोगों की सुनवाई होती है।
पप्पू की इमेज से बाहर आये राहुल


सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी नेता राहुल गांधी को 12 साल तक पप्पू की इमेज बनाकर प्रहार किया किंतु अब उन्होंने दिखा दिया है कि वे परिपक्व हो चुके हैं और उनको हल्के में लेना मोदी और शाह के लिए भूल होगी। पिछले सप्ताह जिस तरह से प्रियंका गांधी और राहुल ने सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन किया। गिरफ्तारियां दीं। मुकदमे दर्ज होने से विचलित नहीं हुए और अपनी निजी सुरक्षा की परवाह नहीं करते हुए प्रदर्शन किया। दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी की नृशंस हत्या के उपरांत भी उन्होंने बिना भयभीत हुए, सुरक्षा घेरे को तोडक़र पब्लिक के साथ कंधा से कंधा मिलाकर प्रदर्शन किया। उससे जनता में उनकी नयी पहचान बनी है। साफ हो गया है कि जिस तरह से 12 साल तक उनको पुकारा गया, उससे वे विचलित नहीं हुए और एक मजबूत नेता बनकर सामने आये। इसी तरह से प्रियंका गांधी ने उनका हौसला बढ़ाने वाला काम किया।
जर्मनी में भी उठी रूसी तेल के लिए आवाज
जर्मनी में एक विपक्षी नेता ने अमेरिका की तरह जर्मनी को भी अपनी जिद का त्याग कर डीजल खरीद करने के लिए रूस के साथ डील करने का सुझाव दिया है। जर्मनी की बीएसडब्ल्यू पार्टी की संस्थापक सहरा वागेनकनेक्ट ने जर्मन सरकार से अमेरिका की तरह रूस के साथ डीजल समझौता करने और रूस विरोधी प्रतिबंधों को छोडऩे का आह्वान किया है।
‘यह सरासर पागलपन है – अमेरिकी प्रशासन अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए तेजी से बढ़ती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास में एक बार फिर रूस से डीजल आयात कर रहा है। लेकिन जर्मन सरकार अपनी निरर्थक प्रतिबंध नीति पर अड़ी हुई है, जो हमारी अर्थव्यवस्था को पतन की ओर धकेल रही है और हमारे नागरिकों को लगातार गरीब बना रही है,’ उन्होंने एक्स पर लिखा।



