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अमेरिकी सीनेट मंगलवार को ‘क्लैरिटी एक्ट’ क्रिप्टो विधेयक पर करेगी मतदान

प्रकाशित: 15 Sep 2026, 2:52 PMअपडेट: 15 Sep 2026, 2:52 PMपढ़ने का समय: 2 मिनट
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वॉशिंगटन। अमेरिकी सीनेट मंगलवार को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए प्रक्रियात्मक मतदान करने जा रही है। Reuters के अनुसार, ‘क्लैरिटी एक्ट’ (CLARITY Act) का उद्देश्य डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए एक स्पष्ट नियामकीय ढांचा तैयार करना है। क्रिप्टो उद्योग इस विधेयक का जोरदार समर्थन कर रहा है, क्योंकि इससे डिजिटल टोकन और उनके नियमन को लेकर मौजूदा कानूनी अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है।

हालांकि, विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए सीनेट में 60 वोटों की जरूरत होगी और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसे आवश्यक समर्थन मिल पाएगा या नहीं। रिपब्लिकन नेताओं ने बैंकिंग क्षेत्र और कुछ डेमोक्रेट सांसदों की चिंताओं को दूर करने के लिए विधेयक के नए मसौदे में बदलाव किए हैं।

विधेयक में डिजिटल टोकन को लेकर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि किन परिसंपत्तियों को प्रतिभूति और किन्हें कमोडिटी माना जाएगा तथा उनके नियमन की जिम्मेदारी किन सरकारी एजेंसियों की होगी। क्रिप्टो कंपनियों का कहना है कि स्पष्ट नियमों से अमेरिका में निवेश और डिजिटल परिसंपत्तियों को अपनाने को बढ़ावा मिल सकता है।

वहीं बैंकिंग क्षेत्र को स्टेबलकॉइन से जुड़ी कुछ व्यवस्थाओं पर आपत्ति है। बैंकिंग संगठनों का कहना है कि स्टेबलकॉइन को मिलने वाले संभावित लाभ और बैंक जमा के साथ प्रतिस्पर्धा से बैंकों की ऋण देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। नए मसौदे के बावजूद बैंकिंग समूहों ने अपनी चिंताएं बरकरार रखी हैं।

विधेयक में सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों के क्रिप्टो कारोबार से जुड़े हितों को लेकर भी नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। संशोधित प्रस्ताव में ऐसे अधिकारियों के महत्वपूर्ण क्रिप्टो-संबंधित वित्तीय हितों को अलग करने या उन्हें ब्लाइंड ट्रस्ट में रखने जैसी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

Reuters के मुताबिक, मंगलवार का मतदान मुख्य रूप से प्रक्रियात्मक है, लेकिन इसे विधेयक के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है। यदि विधेयक आगे बढ़ता है तो क्रिप्टो उद्योग में नियामकीय अनिश्चितता कम हो सकती है और संस्थागत गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। वहीं मतदान विफल होने की स्थिति में इस वर्ष इसे दोबारा आगे बढ़ाने के लिए सीनेट के पास सीमित समय बचा है।

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