हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ जिले में शनिवार को स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गयीं। जिले से दो बड़े घटनाक्रम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गयी है। एक ओर हनुमानगढ़ जंक्शन में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल के खिलाफ दर्ज दो मुकदमों के विरोध में सैकड़ों समर्थकों ने पुलिस थाने का घेराव कर दिया, वहीं दूसरी ओर संगरिया में कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया के समर्थक पार्षदों के कैम्प में पुलिस के पहुंचने से माहौल गरमा गया।
हनुमानगढ़ जंक्शन में विधायक गणेशराज बंसल के खिलाफ दर्ज मामलों के विरोध में बड़ी संख्या में समर्थक थाने के बाहर एकत्र हुए। समर्थकों ने मुकदमों को लेकर विरोध जताया। बंसल समर्थकों का कहना है कि उनके विधायक के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक दबाव का परिणाम है।
स्थानीय निकाय चुनावों के आंकड़ों को देखें तो विधायक बंसल के समर्थक 32 वार्डों में विजयी हुए हैं। सभापति पद के चुनाव को लेकर भी उनके खेमे की ओर से बहुमत का दावा किया जा रहा है। विधायक बनने के करीब तीन साल बाद भी उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोगों के सामने आने को उनके समर्थक अपने जनाधार के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इन राजनीतिक दावों की वास्तविक स्थिति सभापति चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
इधर संगरिया में कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया के समर्थक पार्षदों के कैम्प में पुलिस के पहुंचने से राजनीतिक हलचल बढ़ गयी। सूत्रों के अनुसार पूनिया ने कांग्रेस और समर्थक पार्षदों का कैम्प पटियाला में रखा हुआ था। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची।
बताया जा रहा है कि पुलिस दो पार्षदों के अपहरण से संबंधित शिकायत के आधार पर कैम्प में पहुंची थी। संबंधित पार्षदों ने पुलिस के सामने कहा कि वे अपनी इच्छा से कैम्प में रह रहे हैं और उनका अपहरण नहीं हुआ है। इसके बाद पुलिस को वहां से लौटना पड़ा।
दोनों घटनाक्रमों ने हनुमानगढ़ जिले में नगर निकाय चुनाव के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। अब निगाहें सभापति पद के चुनाव और आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं।



