हनुमानगढ़ में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल, एसपी बी. आदित्य ने संभाली कमान
रिजर्व पुलिस लाइन हनुमानगढ़ में रायट कंट्रोल ड्रिल, पुलिस ने दिखाया दम
हनुमानगढ़ पुलिस का बड़ा मॉक ड्रिल, दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन का हुआ अभ्यास
कानून-व्यवस्था को लेकर हनुमानगढ़ पुलिस अलर्ट, दंगा नियंत्रण का व्यापक अभ्यास
हनुमानगढ़: वज्र वाहन और टीयर गैस के साथ पुलिस ने किया दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल
हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन, हनुमानगढ़ में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों के तहत दंगा एवं भीड़ नियंत्रण (रायट कंट्रोल ड्रिल) का व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस निरीक्षक श्रीमती चंद्रकला, थानाधिकारी महिला थाना के नेतृत्व में बलवा निरोधी टीम ने विभिन्न परिस्थितियों में उपद्रवियों एवं बलवाइयों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, उन्हें सुरक्षित तरीके से तितर-बितर करने तथा भीड़ नियंत्रण की मानक कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया। टीम ने सुरक्षा घेरा बनाना, ढाल एवं लाठी का समन्वित उपयोग, भीड़ को पीछे धकेलना, न्यूनतम बल प्रयोग के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा पुलिस बल की सामूहिक रणनीति का सफल अभ्यास किया।
अभ्यास में जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोहर गीता चौधरी, सीओ सिटी मीनाक्षी तथा वृत्ताधिकारी रावतसर विक्रम चौहान सहित अन्य अधिकारियों ने स्वयं बॉडी प्रोटेक्टर किट, हेलमेट और ढाल पहनकर भाग लिया। अधिकारियों ने दंगा नियंत्रण की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास करते हुए ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षित एवं प्रभावी कार्रवाई की प्रक्रिया को समझा।
मॉक ड्रिल के दौरान वज्र वाहन (रायट कंट्रोल व्हीकल) का भी प्रदर्शन किया गया। इसमें भीड़ नियंत्रण के दौरान वाहन की रणनीतिक भूमिका, सुरक्षित अग्रिम बढ़त, चेतावनी कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर आँसू गैस के गोले छोड़कर उपद्रवियों को तितर-बितर करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इस दौरान एसपी बी. आदित्य ने स्वयं टीयर गैस के गोले दागकर उसके संचालन, उपयोग और प्रभाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया।
इस अवसर पर एसपी बी. आदित्य ने कहा कि इस प्रकार के नियमित मॉक ड्रिल का उद्देश्य पुलिस बल को किसी भी आकस्मिक कानून-व्यवस्था की स्थिति, दंगा अथवा बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने जैसी परिस्थितियों में त्वरित, सुरक्षित एवं समन्वित कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार रखना है। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना है।










