श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर के विधायक जयदीप बिहाणी इन दिनों अपने विधायक सेवा केन्द्र के माध्यम से लगातार आमजन से संवाद कर रहे हैं। बिहाणी शिक्षण संस्थान परिसर में बनाए गए विधायक सेवा केन्द्र में वे रोजाना लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। पानी, बिजली, सड़क, प्रशासनिक कार्यों सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
विधायक के समर्थकों का मानना है कि लगातार जनसुनवाई और लोगों से सीधे संवाद के कारण क्षेत्र में उनके प्रति सकारात्मक माहौल बना है। कई लोग समस्या का समाधान होने के बाद विधायक सेवा केन्द्र पहुंचकर मिठाई बांटकर खुशी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। समर्थक इसे विधायक और आमजन के बीच बढ़ते संवाद के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
जयदीप बिहाणी के पास बिहाणी शिक्षा न्यास के अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक संस्थागत प्रबंधन का अनुभव भी रहा है। बिहाणी शिक्षण संस्थानों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा जुड़े हुए हैं। समर्थकों का कहना है कि संस्थान संचालन के दौरान अलग-अलग लोगों की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने का अनुभव अब जनप्रतिनिधि के रूप में उनके काम आ रहा है।
विधायक सेवा केन्द्र में पहुंचने वाले लोगों में रोजमर्रा की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के अलावा गंभीर प्रशासनिक समस्याओं वाले लोग भी शामिल हैं। जनसुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आती रही है। इससे लोगों को अपनी समस्या सीधे विधायक तक पहुंचाने का माध्यम मिल रहा है।
श्रीगंगानगर की राजनीति में लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीतने का उदाहरण पूर्व विधायक राधेश्याम गंगानगर का है, जिन्होंने 1998 के आसपास लगातार दो चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ कायम की थी। अब बिहाणी के समर्थकों में भी ऐसी ही निरंतरता की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि आगामी चुनाव में किसी भी राजनीतिक दावे का वास्तविक आकलन जनता के निर्णय से ही होगा।
फिलहाल विधायक बिहाणी का रोजाना जनसुनवाई पर जोर उनके राजनीतिक कार्यकाल में आमजन से सीधे संपर्क की रणनीति को दर्शाता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनसुनवाई के माध्यम से उठाए जा रहे मुद्दों का कितनी तेजी से और कितनी प्रभावी तरीके से समाधान होता है तथा इसका क्षेत्र की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।



