10 साल में देश में करीब 94 हजार सरकारी स्कूलों की संख्या घटी, मध्य प्रदेश और यूपी में सबसे बड़ी गिरावट
नई दिल्ली। देश में पिछले एक दशक के दौरान सरकारी स्कूलों की संख्या में बड़ी कमी दर्ज की गई है। 2014-15 से 2024-25 के बीच देश में सरकारी स्कूलों की संख्या 11,07,101 से घटकर 10,13,322 रह गई। इस तरह सरकारी स्कूलों की संख्या में करीब 93,779 की शुद्ध कमी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में सबसे बड़ी कमी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में सामने आई। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 29,599 और उत्तर प्रदेश में करीब 25,056 कम हुई। इसके अलावा ओडिशा, असम, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में भी सरकारी स्कूलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी को सीधे तौर पर इतने स्कूलों के बंद होने के बराबर नहीं माना जा सकता। शिक्षा व्यवस्था में स्कूलों का विलय, पुनर्गठन, युक्तिकरण और प्रशासनिक स्तर पर किए गए बदलाव भी स्कूलों की कुल संख्या को प्रभावित करते हैं। इसलिए उपलब्ध आंकड़े मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों की संख्या में आई शुद्ध कमी को दर्शाते हैं।
राजस्थान की स्थिति कई बड़े राज्यों से अलग दिखाई देती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 2014-15 में 70,210 सरकारी स्कूल थे, जबकि 2024-25 में इनकी संख्या 70,155 रही। यानी दस साल की अवधि में राज्य में सरकारी स्कूलों की संख्या में शुद्ध रूप से 55 की कमी दर्ज हुई।
देशभर में स्कूलों की संख्या के साथ विद्यार्थियों की संख्या और स्कूलों में नामांकन का सवाल भी महत्वपूर्ण है। 2024-25 में देश में कुल करीब 14.71 लाख स्कूल दर्ज किए गए। इसी अवधि में करीब 7,993 स्कूल ऐसे भी थे जहां कोई विद्यार्थी दर्ज नहीं था।








