सतीश बेरी
श्रीगंगानगर। मीडिया के क्षेत्र में 30 वर्षों के लम्बे अनुभव के साथ सांध्यदीप.वल्र्ड को आरंभ किया गया था और इसका पहले लॉकल न्यूज पर निर्धारण तय किया गया था, गूगल सर्च कंसोल ने समाचारों को सर्च के माध्यम से हजारों यूजर की पसंद बना दिया और इसका लाभ अब आमजन को सीधे तौर पर मिल रहा है। डिजीटल प्लेटफार्म अब विराट रूप ले रहा है और इसके सैक्शन आम आदमी को सीधे तौर पर लाभान्वित करने वाले होंगे। इस तरह से यह जन-जन को समर्पित हो गया है।सांध्यदीप पर श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़, राजस्थान की राजनीति, अपराध, पुलिसिंग, कानून व्यवस्था तथा देश-दुनिया, पंजाब राज्य की ताजा खबरें उपलब्ध हैं। अपराध से संबंधित समाचारों का विस्तार से उल्लेख किया जाता है। जीरो ग्राउंड से रिपोर्टिंग के कारण इसकी विश्वसनीयता में इजाफा होता है।लम्बे समय तक क्राइम रिपोर्टिंग के दौरान बार-बार यह आभास हुआ कि ऐसा डिजीटल प्लेटफार्म होना चाहिये जो गुमशुदा व्यक्तियों के बारे में सही जानकारी आम जन तक पहुंचा सके। इस तरह से यह स्र्टाटअप समाजसेवा को समर्पित कर दिया और नि:शुल्क सुविधा मानवता की सेवा के लिए उपलब्ध करवा दी।
बसों और रेलगाडिय़ों आदि में लापता बच्चों, महिलाओं आदि के बारे में फोटोज उपलब्ध होते हैं, लेकिन यह लोग किस दशा में हैं? कहां है? इसकी जानकारी बरसों तक नहीं मिल पाती, वहीं डिजीटल प्लेटफार्म से इनको आसानी से ट्रैक किया जा सकता है और आधुनिक तकनीक इसका बहुत बड़ा सहारा बन सकती है। कई बार तो ऐसा भी देखने को मिला कि लापता लोगों के बारे में समय पर सूचना नहीं मिलने के कारण उनको फिर से कभी नहीं देखा जा सका।
इस तरह से मिसिंग एण्ड फाउंड फार्म फिल कर इनकी तलाश में सभी लोग भागीदार बन सकते हैं।
एनसीआरबी के अनुसार हर साल चार लाख से ज्यादा लोग मिसिंग के जरिये देश भर के थानों में दर्ज होते हैं और इनमें 90 हजार से ज्यादा बच्चे होते हैं। इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि ह्यमून ट्रैफिकिंग कितना गंभीर अपराध बन चुकी है। बस सतर्कता की आवश्यकता है और इनको तलाशा जा सकता है।
इसके अतिरिक्त जन-जन को समर्पण की भावना के तहत ही खोया-पाया सैक्शन भी तैयार किया गया है और इसमें समाज की ईमानदारी को मिसाल तय करने का माध्यम भी है। किसी भी प्रकार के सामान खोने अथवा प्राप्त होने को सांध्यदीप के डिजीटल प्लेटफार्म पर खोया-पाया सैक्शन के माध्यम से दर्ज करवाया जा सकता है।
वहीं मकान, सामान, वाहन आदि बेचने और खरीदने के लिए भी अलग-अलग सैक्शन तैयार किये गये हैं। यह भी पूरी तरह से नि:शुल्क हैं और भविष्य में भी पूरी तरह से नि:शुल्क ही रहेंगे।
इसमें माय होम में जाकर मकान खरीदने एवं बेचने की रिक्वेस्ट डाली जा सकती है जो ऑटो पब्लिश हो जायेगी और मार्केटप्लेस सैक्शन में जाकर जाकर वाहन, फर्नीचर, घरेलू सामान एसी, फ्रीज, वाशिंग मशीन आदि को खरीदा-बेचा जा सकता है।
आपकी एक सूचना लाखों लोगों तक गूगल सर्च कंसोल, गूगल डिस्कवर के माध्यम से पहुंच सकेगी। देश भर से कहीं से भी सूचना को रजिस्टर्ड करवाया जा सकता है।



